हमर आये हे अतिथि नकुल ढीढी


हमर आये हे अतिथि नकुल ढीढी
चलो झण्डा फहराबो गुरू घासीदास के
चलो जयंती मनाबो गुरू घासीदास के

गॉंव- गॉंव, गली- गली, फूले फुलवारी हे
आज लगत हे जइसे, जग म देवारी हे
चलो करन दोहाई, गुरू घासीदास के

सेत बरन के धजा निराला हे
दुनिया ल सब सुख, देने वाला हे
चलो पालो चढ़ाबो गुरू घासीदास के

गुरू के जयंती संगी, जबर तिहार हे
जगमग जग म, बगरे बहार हे
सब संत मिलाबो, गुरू घासीदास के

नकुल देव ढीढी भोरिंग ल आये हे
गुरू घासीदास जयंती जे, प्रथम मनाये हे
हमु जयंती मनाबो, गुरू घासीदास के
- के. आर. मार्कण्डेय

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