कहानी मोर गॉंव के-कहानी तोर गॉंव के

कहानी
मोर गॉंव के हो
तोर गॉंव के हो
कहानी एक हे .
जवानी
मोर गॉंव के हो
तोर गॉंव के हो
जवानी एक हे .

मोर गॉंव म
रद्दा ह बने नइये
चौरा म छेकाय हे
माटी कुढ़वाय हे
पेरा गंजाय हे
पेरौसी मढ़ाय हे
छेना रचाय हे
घुरवा खनाय हे

तोर गॉंव घलो इहि हाल हे
सबो बेहाल हे
सइघो सवाल हे
परिया म दुकान
माते  जवान
लइका-सियान.


माते हे काबर
बस इहि काम हे
अउ दूसर काम नइये


इहि जवानी हे इहि सियानी हे
मोर गॉंव के हो या तोर गॉंव के
जवानी एक हे
सियानी एक हे
जवानी धुत हे
सियानी चुप हे

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