अरे दगाबाज Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - January 07, 2018 अरे दगाबाज मोला गुन- गुन रोवाई डारे सुरता म तोर, मोर झड़ी कस आँसू ढरे पवन झकोरा कस जिनगी म आये आँखी म सपना के झुलना झुलायेे निंदरी उड़ाके तैं बने अनबोलना जग अंधियार करे.. - के. आर. मार्कण्डेय Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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